पाखी
भर ले अपनी उड़ान
रुचि गोयल|
देर न कर जाग तू, भर ले अब उड़ान तू
आग है जो अंदर तेरे, उसको अब जल तू
खुद को पहचान तू,
शक्ति है, तू देवी है, शेरनी है तू,
अपने अंदर की ताकत से, खुद को जीत ले तू
देर न कर जाग तू, भर ले अब उड़ान तू
जननी है, माता है तू,
सहेनशक्तिशाली है तू,
हर दर्द से लड़कर, खुद को नया जीवन तो दे तू,
देर न कर जाग तू, भर ले अब उड़ान तू
रहा दिखाए, सबको चलना सिखाए
कदम कदम साथ निभाए तू,
अब हर बेड़ी को तोड़ कर, एक कदम तो बढ़ा तू
देर न कर जाग तू, भर ले अब उड़ान तू
देर न कर जाग तू, भर ले अब उड़ान तू
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